उत्तराखंड

युवा प्रत्याशी के रूप में कैंट सीट से भाजपा नेता सचिन गुप्ता बने जन-जन की पसंद

संघ और संगठन दोनों में है साफ छवि

देहरादून/ भारतीय जनता पार्टी के नेता और पूर्व पार्षद सचिन गुप्ता ने कैंट विधानसभा क्षेत्र से भाजपा संगठन के समक्ष अपनी ठोस दावेदारी प्रस्तुत की है।
विधानसभा क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ के नाते दावेदारी प्रस्तुत करने वाले सचिन गुप्ता वर्तमान में उन सब दावेदारों में एकमात्र ऐसे नेता हैं जो दो बार पार्षद रहने की बदौलत शासन और प्रशासनिक कुशलता में भी पूरी तरह निपुण हैं। इसके साथ ही सचिन गुप्ता भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यालय मंत्री और भाजपा महानगर में महामंत्री भी रह चुके हैं।
पार्टी का शीर्ष नेतृत्व जिस प्रकार युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की नीतियों और कार्यप्रणाली से प्रभावित है उसी का अनुसरण करते हुए सचिन गुप्ता जोकि वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य के रूप में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे ने बताया कि उनके लिए जनसेवा और जरूरतमंदों को समय-समय पर मदद पहुंचाना और उनके साथ हर पल खड़े होना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।

बहुत छोटी उम्र में ही सचिन गुप्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक के रूप में संगठन की विचारधारा से जुड़ गए और उसके बाद समाज सेवा की ललक ने उनको देहरादून भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यालय मंत्री, नगर निगम पार्षद, भाजयुमो देहरादून महानगर महामंत्री और फिर वर्ष 2016 से 2020 तक भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष, रुड़की, हरिद्वार व उत्तरकाशी के जिला प्रभारी के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन करने का मौका दिया।
बेदाग छवि के नेता सचिन गुप्ता ने भाजपा संगठन से कैंट सीट की दावेदारी के समर्थन में यह भी तर्क दिया है कि उनको आज तक विगत दो दशक में संगठन ने जो भी दायित्व सौंपे हैं, उनको उन्होंने पूरी लगन, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ पूरा किया।

वर्ष 2017 में हरिद्वार रुड़की के चुनाव प्रभारी के रूप में सचिन गुप्ता ने कुशल प्रबंधन का परिचय दिया जिसकी बदौलत पार्टी ने सभी सीटों पर विजय हासिल की। गरीबों और जरूरतमंदों को सरकारी योजनाओं का लाभ पूरी तन्मयता से पहुंचाना सचिन की दिनचर्या बन चुका है। अपने 3 दशक के संगठन के साथ जुड़ाव की बदौलत सचिन गुप्ता ने मांग की है कि संगठन उनको कैंट विधानसभा क्षेत्र से यदि विधायक प्रत्याशी घोषित करता है तो वह हर कनिष्ठ-वरिष्ठ और छोटे – बड़े कार्यकर्ता को संगठन की रीति-नीति, सरकारी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने का काम करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *