धामी कैबिनेट के अहम फैसले: 18 प्रस्तावों को मंजूरी, जानिये एक क्लिक में
देहरादून: मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इन निर्णयों का असर प्रशासनिक व्यवस्था, परिवहन, शिक्षा, भर्ती प्रक्रिया और कुंभ मेले की तैयारियों पर व्यापक रूप से पड़ेगा।
बैठक में कुंभ मेले से जुड़े कार्यों को गति देने के लिए वित्तीय अधिकारों का विकेंद्रीकरण किया गया है। अब एक करोड़ रुपये तक के कार्यों को मेला अधिकारी स्वीकृत कर सकेंगे, जबकि पांच करोड़ तक के कार्यों की मंजूरी गढ़वाल आयुक्त स्तर पर दी जाएगी। इससे अधिक लागत वाले प्रस्ताव शासन स्तर पर स्वीकृत होंगे।
परिवहन क्षेत्र में बड़ा निर्णय लेते हुए उत्तराखंड परिवहन निगम को 250 नई बसों की खरीद की अनुमति दी गई है। पहले 100 बसों की मंजूरी दी गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 109 कर दिया गया है। जीएसटी दर में 28 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत होने के चलते इस निर्णय को विस्तार दिया गया।
भर्ती नियमों में भी अहम बदलाव किया गया है। वन दरोगा के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता अब इंटरमीडिएट के बजाय स्नातक कर दी गई है। साथ ही आयु सीमा 21 से 35 वर्ष तय की गई है, जबकि वन आरक्षी के लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष निर्धारित की गई है।
मदरसों के संबंध में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। राज्य में संचालित लगभग 452 मदरसों में से जो कक्षा 1 से 8 तक संचालित हो रहे हैं, उन्हें जिला स्तरीय शिक्षा समिति या सक्षम प्राधिकारी से मान्यता मिलेगी। वहीं 12वीं तक की कक्षाएं संचालित करने वाले मदरसों को उत्तराखंड बोर्ड से संबद्धता लेना अनिवार्य होगा। इसके लिए अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम के अंतर्गत अध्यादेश लाने को मंजूरी दी गई है।
खनन क्षेत्र में भी संशोधन करते हुए उप खनिज परिहार नियमावली 2023 में बदलाव किया गया है, जिसके तहत रॉयल्टी दर 7 रुपये प्रति कुंतल से बढ़ाकर 8 रुपये कर दी गई है। इसके अलावा वाणिज्य कर विभाग की नियमावली में भी संशोधन को मंजूरी मिली है।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की नियमावली में संशोधन करते हुए जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को पदेन सदस्य बनाया गया है। साथ ही एसिड अटैक पीड़ितों को भी इसमें शामिल करने का निर्णय लिया गया है।
कार्मिक विभाग में एकल संवर्ग की प्रतीक्षा सूची को लेकर मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाएगी। शिक्षा क्षेत्र में उत्तराखंड विशेष शिक्षा शिक्षक नियमावली और संस्कृत शिक्षा सेवा नियमावली 2026 को भी हरी झंडी दी गई है।
लोक निर्माण विभाग से जुड़े एक मामले में दिव्यांग श्रेणी के पदों को लेकर भी निर्णय लिया गया। वर्ष 2023 में हुई भर्ती में दिव्यांग अभ्यर्थी न मिलने के कारण सामान्य वर्ग से नियुक्तियां की गई थीं, ऐसे में अब 6 पदों को दिव्यांग श्रेणी के लिए पुनः सृजित किया जाएगा।
वित्त विभाग के अंतर्गत वर्कचार्ज कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था को लेकर पूर्व में जारी शासनादेश पर न्यायालय द्वारा रोक लगाए जाने के बाद इस विषय को कैबिनेट के समक्ष रखा गया।
इसके अलावा अधिप्राप्ति नियमावली 2025 में संशोधन करते हुए डी श्रेणी के सूचीबद्ध ठेकेदारों के लिए कार्य सीमा 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये कर दी गई है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का विस्तार करते हुए इसे अब प्रदेश के 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों तक लागू किया जाएगा, जहां नियमित प्राचार्य कार्यरत हैं।
वन विभाग की ओर से वन क्षेत्र में मौन पालन (बी-कीपिंग) को लेकर तैयार की गई नई नीति को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी प्रदान कर दी है।
कुल मिलाकर, धामी कैबिनेट के ये फैसले राज्य में प्रशासनिक सुधार, रोजगार के अवसर और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं।
