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ड्रोन हब बनेगा उत्तराखंड, केद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया व जनरल वीके सिंह ने किया ड्रोन इंडस्ट्रीज मीट का उद्घाटन, कहा युवाओं के लिए रोेजगार का बेहत्तर विकल्प

देहरादून। राजधानी देहरादून के मालदेवता में आज ड्रोन फेस्टिवल ऑफ इंडिया द्वारा ड्रोन इंडस्ट्रीज मीट का आयोजन किया गया। ड्रोन

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CM धामी के अधिकारियों को कड़े निर्देश, कोरोना के साथ डेंगू व मलेरिया बीमारी की रोकथाम के लिये हों प्रभावी प्रयास

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में कोविड 19 के साथ डेंगू एवं मलेरिया बीमारी की रोकथाम के लिये

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विहिप ने लव जिहाद और बढ़ते धर्मांतरण पर जताई चिंता

नई टिहरी। विश्व हिन्दू परिषद की जिला बैठक में पहाड़ों में सामुदायिक जनसंख्या संतुलन बिगड़ने, धर्मांतरण, जमीनों पर बाहरी लोगों

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वासिंगटन। संक्रामक रोग विज्ञान में संचारी रोगों की रोकथाम के स्तर की परिभाषाएं दी गई हैं। नियंत्रण का अर्थ है वैक्सीन जैसे जनस्वास्थ्य उपायों से किसी बीमारी को संचरण के कम स्तर पर ले आना। इसी प्रकार उन्मूलन से आशय है-क्षेत्र विशेष में रोग संबंधी मामले घट कर शून्य पर पहुंच जाना। समूल नष्ट करने का मतलब है समूची दुनिया में रोग के मामले शून्य पर आ जाना। और रोग के खत्म हो जाने का अर्थ है कि सुरक्षित प्रयोगशालाओं में बचे जीवाणु के अंश भी नष्ट हो गए। 1979 में चेचक रोग दुनिया में समूल नष्ट हुआ था। इसका कारण केवल वैक्सीन नहीं थी, बल्कि इसके लक्षण इतने स्पष्ट थे कि इन्हें पहचानना आसान था। इसका संक्रमण कुछ अवधि के लिए ही रहता था। साथ ही एक बार संक्रमण होने पर व्यक्ति में जिंदगी भर के लिए इसके प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता आ जाती थी। खसरा कभी समूल नष्ट नहीं किया जा सका। अत्यधिक संक्रामक श्वसन संबंधी यह वायरस 1963 में तब नियंत्रण में आया, जब इसकी वैक्सीन बनी। अमरीका में वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या अत्यधिक रही, जिससे इसका तकनीकी रूप से उन्मूलन हो गया। कोविड-19 वायरस का अंत चेचक या खसरे जैसा नहीं होगा। अत्यधिक संक्रामक होने के साथ ही इसमें ऐसे लक्षण हैं, जो अन्य श्वसन संबंधी संक्रमण से मिलते-जुलते हैं। साथ ही एसिम्प्टोमैटिक मरीज लक्षण आने से पहले भी दूसरे को संक्रमित कर सकते हैं। जैसे-जैसे वैक्सीन लग रही है, वैसे-वैसे वायरस नियंत्रित हो रहा है। धीरे-धीरे यह वायरस स्थानीय बीमारी में बदल जाएगा। मतलब यह फैलेगा तो सही, लेकिन क्षेत्र विशेष में और काफी कम दर पर। जैसे इन्फ्लुएंजा या राइनोवायरस से सर्दी जुखाम होता है, ये मौसमी बीमारियां हो सकती हैं। आमतौर पर ये महामारी के स्तर तक नहीं फैलतीं। चूंकि वैक्सीन कोविड-19 की रोकथाम में प्रभावी है। वैक्सीन से बनी एंटीबॉडी स्वत: समाप्त हो जाती हैं, लेकिन शरीर में बी कोशिकाओं के तौर एक स्मृति विकसित होती है, जो वायरस या उसके वैरिएंट को दोबारा देखने पर एंटीबॉडी पैदा करती हैं। ये बी कोशिकाएं शरीर में लंबे समय तक रहती हैं। 2008 में नेचर के एक अध्ययन के मुताबिक 1918 के इन्फ्लुएंजा से जंग जीतने वालों में नब्बे साल बाद भी प्रतिरोधी बी कोशिकाएं सक्रिय पाई गईं। वैक्सीन से मानव शरीर को मिलने वाली टी कोशिकाएं भी गंभीर रोगों से बचाती हैं और ये वैरिएंट पर भी कारगर हैं। चूंकि वायरस का संचरण जारी है, ऐसे में बुजुर्गों और कम प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को बूस्टर शॉट देने की जरूरत होगी। तो कोविड-19 का आम बीमारी वाला स्वरूप क्या होगा? अगर हम दुनिया भर में वायरस का संचरण निम्नतम स्तर पर ले आएं और वैक्सीनेशन से उसकी गंभीर रोग देने की क्षमता कम कर दें, तो दुनिया सच में पहले जैसी सामान्य हो जाएगी। फिर संक्रमण वहां फैलेगा,जहां लोग वैक्सीन नहीं लगवाना चाहते, जैसा खसरा रोग में हुआ। वैक्सीन की अनिवार्यता वैक्सीन लेने वालों की संख्या बढ़ा सकती है। इस तरह वैक्सीन के साथ स्वाभाविक रूप से आई रोग प्रतिरोधक क्षमता कोविड-19 को भी उसी तरह काबू में कर लेगी, जैस अन्य श्वास संबंधी वायरस को काबू में किया गया। भविष्य में अस्पतालों में श्वसन रोगियों की जांच में कोविड-19 जांच शामिल हो जाएगी, मरीज को आउटडोर में सर्दी-जुकाम वाले मरीज की तरह ही दवाएं दी जाएंगी। कोविड-19 कितना भी जटिल वायरस क्यों न हो, एक सत्य यह भी है कि कोई भी वायरस एक सीमा के बाद नए वैरिएंट विकसित नहीं कर सकता। एचआइवी एड्स के मामले में हम यह देख चुके हैं।

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राइंका हरबर्टपुर के दो छात्र कोरोना संक्रमितए अग्रिम आदेश तक विद्यालय बंद

विकासनगर। ब्लॉक क्षेत्र के राजकीय इंटर कॉलेज हरबर्टपुर के दो छात्रों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद विद्यालय

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किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन अंबावता गुट करेगी महापंचायत

सुल्तानपुर, लम्भुआ । लगातार सातवें दिन किसान समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन अंबावता गुट पिछले 7 दिनों से लम्भुआ

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सीएम धामी ने किया ‘ग्राम्य श्री’ विक्रय केंद्र का लोकार्पण, राज्य के 9 लाख से अधिक किसान हुए किसान सम्मान निधि से लाभान्वित

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजपुर रोड देहरादून पर निर्मित ‘ग्राम्य श्री’ विक्रय केंद्र का लोकार्पण किया। इस विक्रय

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122 सांसदों और विधायकों के खिलाफ ईडी, जबकि 121 के खिलाफ सीबीआई ने की जांच: सुप्रीम कोर्ट को बताया गया

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय को मंगलवार को सूचित किया गया कि 122 सांसद और विधायक धनशोधन के मामलों में आरोपी हैं और

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