UPL की क्लोजिंग में मासूम शर्मा का शो, पुराने विवाद ने फिर बढ़ाई हलचल
देहरादून। उत्तराखंड प्रीमियर लीग (UPL) की क्लोजिंग सेरेमनी से पहले हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा की प्रस्तुति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। 1 अक्टूबर को होने वाली UPL की क्लोजिंग सेरेमनी में मासूम शर्मा की प्रस्तुति प्रस्तावित है। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (CAU) के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर भी उनकी प्रस्तुति को लेकर जानकारी सामने आई है। CAU के पदाधिकारियों ने भी कार्यक्रम में उनके शामिल होने की पुष्टि की है।
लेकिन मासूम शर्मा का देहरादून में प्रस्तावित यह कार्यक्रम ऐसे समय हो रहा है, जब अप्रैल में DAV पीजी कॉलेज में उनकी प्रस्तुति के दौरान मंच से अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर विवाद हुआ था। इसी पुराने विवाद का हवाला देते हुए अब बजरंग दल ने प्रशासन से मामले का संज्ञान लेने की मांग करने का फैसला किया है।
अप्रैल में DAV कॉलेज का कार्यक्रम बना था विवाद की वजह
मासूम शर्मा के लिए देहरादून का यह मंच पहली बार नहीं है। इसी साल अप्रैल में DAV पीजी कॉलेज में आयोजित छात्रसंघ समारोह में उनकी प्रस्तुति विवादों में आ गई थी। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मंच से आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। उस समय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भी शामिल हुए थे। हालांकि घटना के वक्त मुख्यमंत्री वहां से जा चुके थे, जबकि एक विधायक मंच पर मौजूद थे।
मंच से इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया था। इसके बाद डालनवाला कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई गई और पुलिस ने मासूम शर्मा के खिलाफ FIR दर्ज की थी।
पुलिस के मुताबिक, मामले में BNS की धारा 296, 352, 79 और 351(3) लगाई गई थीं। शिकायतकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया था कि कॉलेज जैसे सार्वजनिक और शैक्षणिक परिसर में सैकड़ों छात्र-छात्राओं के सामने इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया।
FIR के बाद नोटिस, फिर मासूम शर्मा ने जताया था खेद
मामला बढ़ने के बाद पुलिस ने मासूम शर्मा को नोटिस जारी कर उनका पक्ष रखने को कहा था। विवाद के बाद मासूम शर्मा ने वीडियो जारी कर अपने व्यवहार पर खेद भी जताया था। उन्होंने बताया था कि उनके किसी मामले में गुस्से का असर मंच पर दिखाई दिया था।
इस मामले में हरियाणा राज्य महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया था। आयोग की ओर से मासूम शर्मा को नोटिस जारी कर देहरादून के कार्यक्रम के दौरान अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया था।
अब UPL की क्लोजिंग सेरेमनी में एंट्री, बजरंग दल ने उठाए सवाल
अप्रैल के विवाद के कुछ महीने बाद अब मासूम शर्मा एक बार फिर देहरादून के बड़े सार्वजनिक मंच पर नजर आने वाले हैं। UPL की क्लोजिंग सेरेमनी में उनकी प्रस्तुति प्रस्तावित होने के बाद बजरंग दल ने प्रशासन के सामने आपत्ति रखने की तैयारी की है।
उत्तराखंड बजरंग दल के प्रांतीय मिलन प्रमुख और देहरादून भगवा विकास वर्मा के मुताबिक, संगठन सोमवार को जिला प्रशासन से मुलाकात करेगा और मासूम शर्मा के कार्यक्रम को लेकर आपत्ति पत्र सौंपेगा।
भगवा विकास वर्मा का कहना है कि बड़े कलाकारों को युवा बड़ी संख्या में फॉलो करते हैं। ऐसे में सार्वजनिक मंच से होने वाली प्रस्तुति में भाषा और मर्यादा का ध्यान रखा जाना जरूरी है। उनका कहना है कि उत्तराखंड की अपनी सांस्कृतिक पहचान है और देवभूमि की संस्कृति को किसी भी तरह की क्षति नहीं पहुंचनी चाहिए।
‘कलाकार से विरोध नहीं, अमर्यादित भाषा से आपत्ति’
बजरंग दल का कहना है कि उसका विरोध किसी कलाकार के कार्यक्रम से नहीं है, बल्कि सार्वजनिक मंच पर फूहड़ता और अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल को लेकर है। संगठन प्रशासन से अपील करेगा कि अप्रैल में हुए विवाद को ध्यान में रखते हुए UPL की क्लोजिंग सेरेमनी का संज्ञान लिया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की आपत्तिजनक या अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल न हो।
संगठन का तर्क है कि बड़े कलाकारों को सुनने के लिए बड़ी संख्या में युवा पहुंचते हैं। ऐसे में मंच से कही जाने वाली बातों का असर भी होता है और सार्वजनिक कार्यक्रमों में कलाकारों से मर्यादा बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है।
अब प्रशासन के रुख पर नजर
फिलहाल एक तरफ CAU की ओर से UPL की क्लोजिंग सेरेमनी में मासूम शर्मा की प्रस्तुति की पुष्टि की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ अप्रैल के विवाद को आधार बनाकर बजरंग दल प्रशासन के सामने अपनी आपत्ति रखने जा रहा है।
ऐसे में 1 अक्टूबर को होने वाली UPL की क्लोजिंग सेरेमनी से पहले यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अप्रैल में DAV कॉलेज के मंच से शुरू हुआ विवाद अब सितंबर में एक नए मंच तक पहुंच गया है। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार मंच कॉलेज का नहीं, बल्कि उत्तराखंड प्रीमियर लीग की क्लोजिंग सेरेमनी का है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि बजरंग दल की आपत्ति के बाद जिला प्रशासन और आयोजन से जुड़े पदाधिकारी इस पूरे मामले को लेकर क्या रुख अपनाते हैं।
