उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र से पहले कांग्रेस का हमला, भाजपा पर महिलाओं के मुद्दों पर घेराबंदी
देहरादून:
उत्तराखंड विधानसभा के प्रस्तावित एक दिवसीय विशेष सत्र से पहले कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में एआईसीसी सदस्य और वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने आरोप लगाया कि यह सत्र जनता को गुमराह करने की कोशिश है और इसमें कोई ठोस विधायी कार्य नहीं होगा।
धस्माना ने कहा कि भाजपा सरकार महिला आरक्षण के नाम पर जनता, विशेषकर महिलाओं की “आंखों में धूल झोंकने” का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में संसद से पारित 33 प्रतिशत महिला आरक्षण कानून को लागू करने में केंद्र सरकार ने जनगणना और परिसीमन का अड़ंगा लगाया है।
उन्होंने यह भी कहा कि हालिया लोकसभा विशेष सत्र में केंद्र सरकार ने बिना विपक्ष को विश्वास में लिए 850 सीटों तक विस्तार का प्रस्ताव रखा, जिसे विपक्ष ने एकजुट होकर रोक दिया। कांग्रेस का रुख स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान 543 सीटों पर ही महिला आरक्षण लागू किया जाना चाहिए और सभी विधानसभाओं में भी इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों का मुद्दा उठाते हुए धस्माना ने अंकिता भंडारी हत्याकांड, सल्ट, चम्पावत, संतरेशा हरिद्वार, आईएसबीटी बालिका रेप कांड और पलटन बाजार की घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक विशेष सत्र में इन मामलों को जोरशोर से उठाएंगे और सरकार से जवाब मांगेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर महिला आरक्षण को लेकर भाजपा की “पोल खोलेंगे”। साथ ही ब्लॉक स्तर पर महिला पंचायतों और संवाद कार्यक्रमों का आयोजन कर महिलाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री खजानदास के पुत्र के विवाह समारोह को लेकर राजाजी नेशनल पार्क में नियमों के उल्लंघन के आरोपों पर धस्माना ने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए, चाहे वह मुख्यमंत्री, मंत्री या कोई अधिकारी ही क्यों न हो। इसके अलावा एक क्लब बार में समय सीमा के बाद संचालन को लेकर पुलिस कार्रवाई रुकवाने के मामले में उन्होंने उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
प्रेसवार्ता में प्रदेश श्रम प्रकोष्ठ अध्यक्ष दिनेश कौशल और उपाध्यक्ष पूनम कंडारी भी मौजूद रहे।
