Tuesday, January 31, 2023
Home ब्लॉग गुजरात को ऐसे जीतना क्या जीतना?

गुजरात को ऐसे जीतना क्या जीतना?

हरिशंकर व्यास
नरेंद्र मोदी गुजरात जीतेंगे लेकिन योगी आदित्यनाथ के बूते यदि जीते तो मोदी-शाह के लिए क्या डूबने वाली बात नहीं? यदि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के वोटों के बंटने से जीते तो वह क्या जीते? लगभग हर दिन प्रधानमंत्री की रैलियों तीन महीने से लगातार प्रचार, पूरे देश के भाजपा नेताओं की कथित कॉरपेट बाम्बिंग, विपक्ष के उम्मीदवारों को तोडऩे से लेकर पानी की तरह पैसा बहाने के तमाम हथकंडों के बावजूद यदि कांग्रेस 40-50 सीट जीत जाए, भाजपा के वोट 40 प्रतिशत तक गिर जाएं और आप 20-25 प्रतिशत वोट पा जाए तो वह क्या नरेंद्र मोदी की वाहवाही वाली जीत होगी?
सोचें, कल्पना करें कि जिस गुजरात में 27 साल से हिंदू राज है। नरेंद्र मोदी का कथित विकास मॉडल है वहां अरविंद केजरीवाल की फ्री बिजली या हजार रुपए मुफ्त जैसी रेवडिय़ों का शहरी गुजराती दिवाना दिखलाई दे। केजरीवाल से मोदी-शाह इतने घबराएं कि उसी वक्त में दिल्ली में एमसीडी के चुनाव करवाएं। और एक नगरपालिका के चुनाव में केंद्र के मंत्री से लेकर चार-चार मंत्री एक साथ प्रचार करते हुए दिखें। अरविंद केजरीवाल एंड पार्टी को गुजरात छोड़ कर दिल्ली के चुनाव के लिए लौटना पड़े।

पर मेरा मानना है कि दिल्ली हो या गुजरात या हिमाचल प्रदेश हर तरफ नरेंद्र मोदी अपनी प्रतिष्ठा दांव पर लगाने, साम-दाम-दंड-भेद सब कुछ झोंकने के बावजूद चुनाव जीतते हुए भी हारेंगे। इसलिए कि असली हार-जीत तो तब होती है जब खेल ईमानदार हो। गुजरात और उसके प्रमुख गढ़ सूरत में क्या नौबत जो आप पार्टी को अपने उम्मीदवार के अपहरण की चिंता करनी पड़ी। ये चुनाव ऐसे ही हैं कि यदि फुटबॉल विश्व कप में मोदी की कप्तानी में शाह, जेपी नड्डा, योगी की टीम खेल रही होती तो दुनिया देखती कि इस टीम ने इग्लैंड के खिलाडियों को खरीद लिया, किसी को पैसे दिए, किसी का अपहरण किया, उनका खाना-पानी गायब कर दिया और हर खिलाड़ी को डरा दिया कि यदि तुमने खेला तो ईडी-सीबीआई छोड़ देंगे।

सचमुच नरेंद्र मोदी के लोकतंत्र में चुनाव, जबरिया चुनाव हो गए हैं। हर तरह की नौटंकी, जबरदस्ती का चुनाव। बस, जीतना है तो सब कुछ लुटा कर मतलब सत्य-संस्कार-चरित्र, ईमानदारी-खेल की भावना आदि को दांव पर लगा कर बस जीत जाओ। विपक्ष के पास नहीं रहने दो, उसके तैयार हुए खिलाड़ी को खरीद लो, उनका खर्चा-पानी खत्म कर दो, रेफरी को खरीदे रखो, एकतरफा नारेबाजी-तालियां बजवाओ और आखिर में रेफरी से घोषणा करवा दो कि नरेंद्र मोदी भारत केसरी, गुजरात केसरी, हिंदू केसरी!

हैरानी की बात है कि ऐसे खेले से मोदी-शाह उबते हुए नहीं हैं? कल्पना करें कि ब्रिटेन में चुनाव और राजनीति मोदी-शाह जैसी हो जाए, ऋषि सुनक चुनाव जीतने का फॉर्मूला मोदी का अपना लें तो क्या होगा? या दुनिया के ओलंपिक, विश्व फुटबॉल कप के मालिक मोदी-शाह बन जाएं वे अपनी हिंदू शैली में खेल-खिलाडिय़ों के आयोजन करवाएं तो अपनी टीम को कैसे जितवाएंगे? पैसे से सौदे-धंधे करेंगे? खिलाडिय़ों को खरीदेंगे? खिलाडिय़ों के पीछे ईडी-सीबीआई को छोड़ेंगे मगर होगा वहीं, खेल उसी फिक्स अंदाज में जैसे भारत के चुनाव हो रहे हैं!

गुजरात से सुनाई दे रहा है कि जीतेंगे तो मोदी? क्यों? इसलिए क्योंकि वे हार नहीं सकते? क्या महंगाई है? हां, है! क्या बेरोजगारी है? हां, है? क्या तकलीफें हैं? बहुत ज्यादा? तब वोट किसको दोगे? भाजपा को, कमल को! मोदी जीतेगा। मतलब मानो सब पूर्व निर्धारित! मैदान में दूसरा कोई है ही नहीं! सामने न कांग्रेस और न आप किसी में खेलने, ताकत लगाने, उम्मीदवारों में दम फूंकने, मतदान के दिन तक जी जान से मेहनत करने की क्षमता है ही नहीं!

RELATED ARTICLES

जोशीमठ में त्रासदी – कौन जिम्मेदार

अजय दीक्षित उत्तराखण्ड के जोशीमठ में हजारों मकानों में दरारों की प्राकृतिक आपदा के लिए प्रकृति कम और शासन तंत्र ज्यादा जिम्मेदार है। प्रकृति से...

शराबबंदी : योजनाओं को सही दिशा देनी होगी

डॉ. भीम सिंह भवेश हफ्ते भर पहले बिहार में एक माह के अंदर दूसरी बार जहरीली शराब से हुई मौतों ने आमजन के साथ ही...

तो कैसे होगा मुक्त व्यापार

भारत की अपेक्षा है कि समझौता होने पर भारतीय नागरिकों के लिए ब्रिटेन जाना आसान हो जाएगा। लेकिन ब्रिटेन ने साफ कर दिया है...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

हाईकोर्ट ने समलैंगिक विवाहों को मान्यता देने की मांग वाली याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट में किया स्थानांतरित

नई दिल्ली।  दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को विशेष विवाह अधिनियम, हिंदू विवाह अधिनियम और विदेशी विवाह के तहत अपने विवाह को मान्यता देने की...

जानें, सेहत के लिए कितनी फायदेमंद हैं फूलगोभी की पत्तियां और कैसे करें सेवन

सर्दी के मौसम में खाने के लिए मौसमी फल और सब्जियां मिलती हैं। फूल गोभी भी इसी मौसम में मिलती है। इसे सर्दियों की...

रुड़की के कलियर क्षेत्र में हैवान पिता ने किया रिश्‍तों को तार- तार, 13 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म कर हुआ फरार

रुड़की। कलियर क्षेत्र में एक हैवान पिता ने रिश्‍तों को तार-तार कर दिया। उसने अपनी 13 साल की बेटी के साथ दुष्‍कर्म किया और फरार...

उत्तरकाशी जिले के राना गांव में तीन आवासीय मकानों में लगी आग, सारा सामान जलकर हुआ खाक

देहरादून। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के बड़कोट में मध्य रात्रि को तहसील के राना गांव में तीन आवासीय मकानों में आग लग गई। सूचना पर...

दो दिवसीय दौरे पर आज गोरखपुर आएंगे सीएम योगी आदित्यनाथ, जनता दरबार में फरियादियों की समस्याएं भी सुनेंगे

उत्तर प्रदेश। दो दिवसीय दौरे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को गोरखपुर आएंगे। उनके यहां दोपहर बाद पहुंचने की उम्मीद है। मंदिर में रात्रि विश्राम...

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा- एक फरवरी से 28 फरवरी तक होंगी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं

देहरादून। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की ओर से संचालित हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं एक फरवरी से 28 फरवरी तक होंगी। बोर्ड सचिव डॉ. नीता...

उर्वशी रौतेला ने फिल्म में तीन मिनट के गाने के लिए 2 करोड़ रुपये

सुपरस्टार चिरंजीवी की फिल्म वाल्टर वीरैया 13 जनवरी, 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में उर्वशी रौतेला ने आइटम सॉन्ग बॉस...

उत्तर भारत में और गिरेगा तापमान, तेज बारिश और तूफान के साथ बदलेगा दिल्ली-एनसीआर का मौसम

नई दिल्ली। दिल्ली और एनसीआर के लोगों को सप्ताह के पहले दिन भी मौसम के बदले मिजाज से राहत मिलती दिख नहीं रही है। मौसम...

जोशीमठ में त्रासदी – कौन जिम्मेदार

अजय दीक्षित उत्तराखण्ड के जोशीमठ में हजारों मकानों में दरारों की प्राकृतिक आपदा के लिए प्रकृति कम और शासन तंत्र ज्यादा जिम्मेदार है। प्रकृति से...

राजधानी दिल्ली में हुआ भीषण सड़क हादसा, चार स्कूली बसों के आपस में टकराने से कई छात्र घायल

दिल्ली-एनसीआर। राजधानी दिल्ली से सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे की खबर सामने आ रही है, जिसमें कई बच्चे घायल हो गए हैं। जानकारी के...

Recent Comments