29वें दिन भी जारी जंग, अबू धाबी में मिसाइल मलबे से 5 भारतीय घायल
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अबू धाबी से एक चिंताजनक घटना सामने आई है। संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि एक बैलेस्टिक मिसाइल को एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया, लेकिन उसका मलबा गिरने से पांच भारतीय नागरिक घायल हो गए। राहत की बात यह है कि सभी को मामूली चोटें आई हैं।
यह घटना खलीफा आर्थिक क्षेत्र के पास हुई, जहां सुरक्षा एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हालात को नियंत्रण में रखा। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
इस बीच क्षेत्र में संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे सैन्य अभियान को 29 दिन हो चुके हैं, लेकिन हालात में सुधार के कोई संकेत नहीं दिख रहे। इज़राइली सेना लगातार ईरान और लेबनान में हमले कर रही है, जबकि ईरान की ओर से खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एक प्रवक्ता के अनुसार, इस संघर्ष में अब तक 300 से अधिक अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से अधिकांश वापस अपनी ड्यूटी पर लौट चुके हैं। इसके अलावा, सैन्य अभियानों के दौरान 13 सैनिकों की मौत भी हुई है।
इसी क्रम में मार्को रूबियो ने कहा है कि अमेरिका बिना जमीनी सैनिकों की तैनाती के भी अपने सैन्य उद्देश्यों को हासिल करने में सक्षम है। हालांकि, कूटनीतिक बातचीत जारी रहने के बावजूद वॉशिंगटन पश्चिम एशिया में अतिरिक्त सैनिक भेजने के विकल्प पर विचार कर रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगभग 10,000 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की योजना पर विचार हो रहा है, जिसमें 82वीं एयरबोर्न डिवीजन, पैदल सेना और बख्तरबंद यूनिट्स शामिल हो सकती हैं। G7 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद रूबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह समाप्त करना है, ताकि वह परमाणु हथियार हासिल न कर सके।
उधर, शनिवार तड़के इज़राइल पर ईरान की ओर से मिसाइल हमले किए गए। इन हमलों में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। उत्तरी इज़राइल में, खासकर लेबनान सीमा के पास, सायरन लगातार बजते रहे। इस क्षेत्र में हिज़्बुल्लाह द्वारा रॉकेट और ड्रोन हमले पहले से ही जारी हैं।
कुल मिलाकर, मध्य पूर्व में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। एक ओर सैन्य कार्रवाई तेज हो रही है, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाएगी, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।
