उत्तराखंड

Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में 72 घंटे का खतरा! IMD की बड़ी चेतावनी, इन 13 जिलों में भारी तबाही का अलर्ट

Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर बेहद सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र ने 27 जुलाई से राज्यभर में व्यापक बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के सभी 13 जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। विशेष रूप से देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर जिलों के लिए अत्यधिक भारी बारिश, तेज गर्जना और आकाशीय बिजली को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर में कुछ स्थानों पर अत्यधिक तीव्र वर्षा (Extremely Intense Spell) देखने को मिल सकती है। इन जिलों में कम समय में बहुत अधिक बारिश होने की आशंका है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी गढ़वाल, चंपावत, पिथौरागढ़ और ऊधम सिंह नगर जिलों में भी भारी बारिश, तेज गर्जना और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। हरिद्वार जिले में भी गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।

आईएमडी के अनुसार 27 जुलाई की रात से लेकर 29 जुलाई की रात तक मानसून उत्तराखंड में अपने सबसे सक्रिय चरण में रहेगा। इस दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र तथा मानसून ट्रफ के उत्तर की ओर खिसकने के कारण उत्तराखंड में व्यापक और तेज वर्षा की स्थिति बन रही है।

लगातार बारिश को देखते हुए पर्वतीय जिलों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें खिसकने, पहाड़ियों से मलबा गिरने और सड़कें बाधित होने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। वहीं मैदानी इलाकों में बरसाती नालों और रपटों में अचानक जलस्तर बढ़ने, जलभराव और यातायात बाधित होने का खतरा बना रहेगा।

चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और पर्यटन सीजन को देखते हुए मौसम विभाग और प्रशासन ने श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को मौसम का ताजा अपडेट देखकर ही यात्रा करने, अनावश्यक यात्रा से बचने, पहाड़ी मार्गों पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों में न जाने की सलाह दी गई है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों को गंभीरता से लें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। अगले तीन दिन प्रदेश के लिए मौसम की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं, ऐसे में विशेष सतर्कता ही किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय होगी।

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