दुखद समाचार: नहीं रहे सेना के गौरव ले. जनरल मदन मोहन लखेड़ा, देश और उत्तराखंड के लिए अपूर्णीय क्षति!
सैन्य सेवा और सार्वजनिक जीवन में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले भारतीय सेना के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी तथा मिजोरम व पुडुचेरी के पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल मदन मोहन लखेड़ा (एमएम लखेड़ा) का सोमवार को निधन हो गया। वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे और देहरादून के एक निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना से उत्तराखंड सहित पूरे देश के सैन्य, प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है।
कल हरिद्वार में होगा अंतिम संस्कार
लेफ्टिनेंट जनरल लखेड़ा की पुत्री अलका कुकरेती द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार मंगलवार (30 जून) को पवित्र नगरी हरिद्वार में किया जाएगा। उनकी अंतिम यात्रा सुबह 9:00 बजे उनके देहरादून स्थित आवास ’28ए, पनाश वैली, सहस्त्रधारा रोड’ से शुरू होकर हरिद्वार के लिए प्रस्थान करेगी।
सैन्य वीरता और प्रतिष्ठित सम्मान
मूल रूप से उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल (ग्राम जखंड) से ताल्लुक रखने वाले लेफ्टिनेंट जनरल लखेड़ा का सैन्य जीवन अद्वितीय और गौरवशाली उपलब्धियों से भरा रहा। उन्होंने भारतीय सेना में लंबे समय तक विभिन्न महत्वपूर्ण, संवेदनशील और शीर्ष पदों पर रहते हुए देश की सुरक्षा में अतुलनीय योगदान दिया। उन्होंने 1961 के गोवा मुक्ति संग्राम और 1965 व 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्धों में जम्मू-कश्मीर सेक्टर में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
उनकी इसी उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता, अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए उन्हें सेना के सर्वोच्च व प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया था, जिनमें शामिल हैं:
परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM)
अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM)
विशिष्ट सेवा मेडल (VSM)
राज्यपाल के रूप में शानदार व प्रेरणादायी कार्यकाल
सेना से सेवानिवृत्ति के पश्चात भी उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपनी सक्रिय सेवाएं जारी रखीं। केंद्र सरकार ने उनकी उच्च प्रशासनिक और नेतृत्व क्षमताओं को देखते हुए उन्हें देश के महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों पर नियुक्त किया। उन्होंने मिजोरम के राज्यपाल और पुडुचेरी (पॉन्डिचेरी) के उपराज्यपाल के रूप में अपनी सेवाएं दीं। इसके अतिरिक्त उनके पास अंडमान और निकोबार् द्वीप समूह के उपराज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार भी रहा। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सुशासन, पारदर्शिता और जनसरोकारों को हमेशा सर्वोपरि रखा। अपने बेहद सहज व्यवहार, अनुशासित कार्यशैली और सादगीपूर्ण जीवन के कारण वे जनता और प्रशासन दोनों के बीच अत्यंत लोकप्रिय रहे।
देश और प्रदेश के लिए अपूर्णीय क्षति
ले. जनरल एमएम लखेड़ा के निधन पर देश व प्रदेश के विभिन्न पूर्व सैनिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने गहरा दुख प्रकट करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। सभी ने सर्वसम्मति से उन्हें एक समर्पित देशभक्त, कुशल प्रशासक और भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी व्यक्तित्व बताते हुए इसे उत्तराखंड और पूरे राष्ट्र के लिए एक अपूर्णीय क्षति बताया है।
