रुद्रपुर नकली NCERT किताब कांड: जांच पहुंची राजस्थान तक, SIT भरतपुर जाने की तैयारी में
उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में करोड़ों रुपये की नकली एनसीईआरटी किताबों के मामले में जांच लगातार गहराती जा रही है। इस मामले के तार अब उत्तराखंड से निकलकर राजस्थान तक पहुंच गए हैं। विशेष जांच टीम (एसआईटी) जल्द ही राजस्थान के भरतपुर जाकर मामले की तह तक जाने की तैयारी में है।
रुद्रपुर के किरतपुर कोलड़ा में सामने आए इस नकली किताब कांड में जांच के दौरान कई अहम खुलासे हुए हैं। जानकारी मिली है कि जब्त की गई नकली किताबों का बड़ा स्टॉक कुछ समय के लिए राजस्थान के भरतपुर स्थित एक गोदाम में भी रखा गया था। इस इनपुट के बाद एसआईटी अब भरतपुर जाकर वहां जांच करेगी और संबंधित लोगों से पूछताछ करेगी।
गौरतलब है कि बीते 16 मार्च को पुलिस ने किरतपुर कोलड़ा स्थित एक गोदाम पर छापा मारकर करीब 10 लाख नकली किताबें बरामद की थीं। इस मामले में एनसीईआरटी के सहायक उत्पादन अधिकारी दीपक कुमार की तहरीर पर गोदाम स्वामी राजेश कुमार जैन, संचालक संदीप और शाहरुख के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एसआईटी को सौंप दी गई थी।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गोदाम का किराया ऑनलाइन दिया गया था, जिसके बाद पुलिस ने मेरठ में भी जांच का दायरा बढ़ाया। मेरठ में एक प्रिंटिंग प्रेस संचालक संजीव गुप्ता और एक अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आई है। इसके बाद एसआईटी ने आरोपितों की तलाश तेज कर दी है।
इसी कड़ी में एसआईटी ने मजदूरों और परिवहन की व्यवस्था कराने वाले नफीस को गिरफ्तार किया। नफीस से पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि नकली किताबों का जखीरा कुछ समय के लिए भरतपुर के एक गोदाम में भी रखा गया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मामले में शामिल सभी आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। वहीं, मुख्य आरोपित संदीप, शाहरुख और संजीव गुप्ता ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की है।
