Monday, August 8, 2022
Home ब्लॉग गुणवान अनाज

गुणवान अनाज

यूं तो केंद्र सरकार के आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में किसानों के लिये कई बड़ी घोषणाएं की गयी हैं जिनमें एमएसपी के लिये एकमुश्त रकम तय करने, 1208 मीट्रिक टन गेहूं-धान खरीदने, प्राकृतिक खेती विकसित करने के लिये राज्यों व एमएसएमई की भागीदारी बढ़ाने, ड्रोन का उपयोग बढ़ाने, केन-बेतवा लिंक योजना से सिंचाई का दायरा बढ़ाने, रेलवे की मदद से लॉजिस्टिक विकसित करने जैसी घोषणाएं शामिल हैं। लेकिन एक घोषणा ने देश का ध्यान खींचा, वह है इस साल को मोटा अनाज वर्ष के रूप में मनाया जाना। दरअसल, सदियों से भारत में मोटे अनाज का उत्पादन होता रहा है। इसकी वजह यह कि इसकी उत्पादन लागत कम होती है। अधिक तापमान में खेती संभव है। इसमें सिंचाई के लिये पानी की कम खपत होती है। साथ ही कम उपजाऊ भूमि में इसका उत्पादन हो सकता है। इसके अलावा कीटनाशकों की कम जरूरत होती है और किसान रासायनिक खादों से परहेज करते हुए कंपोस्ट खाद से भी इसका उत्पादन कर सकते हैं।

दरअसल, केंद्र सरकार ने वर्ष 2018 में इस दिशा में पहल की थी जिसके उपरांत मोटे अनाज का उत्पादन जो वर्ष 2017-18 में 164 लाख टन था, वह वर्ष 2020-21 जून-जुलाई में बढक़र 176 लाख टन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस मुद्दे पर विशेष ध्यान रहा और उन्होंने वैश्विक स्तर पर भी प्रयास किये। यह भारत के प्रयासों की बड़ी कामयाबी है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भारत के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार करते हुए वर्ष 2023 को मोटे अनाज का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष घोषित किया है। दरअसल,मोटे अनाज में बाजरा, ज्वार, जौ, कोदो आदि फसलें आती हैं। इस प्रस्ताव को दुनिया के 70 देशों का समर्थन मिला है। निस्संदेह यह इन फसलों के पारिस्थितिकीय लाभ को प्रोत्साहित करने की ओर सार्थक कदम है। इस पहल से न केवल खाद्य सुरक्षा व किसानों के कल्याण को प्रोत्साहन मिलेगा बल्कि यह कृषि वैज्ञानिकों और स्टार्ट-अप समूहों के लिये शोध व नवोन्मेष के रास्ते खोलता है।

निस्संदेह, वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष घोषित करने से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारतीय किसानों के लिये नये अवसर विकसित होते हैं। देश के संदर्भ में यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि इनकी पौष्टिकता की संभावनाओं से लोगों के स्वास्थ्य की भी रक्षा होती है। जाहिरा तौर पर परंपरागत फसलों से अधिक कीमत होने के कारण बाजार में ज्वार-बाजरा जैसे मोटे अनाज की मांग बढ़ेगी। इन फसलों के उत्पादन में पानी, रासायनिक खाद व कीटनाशकों की खपत कम होने से किसान की लागत घटेगी। कम उपजाऊ मिट्टी में इन फसलों की खेती की जा सकती है। इतना ही नहीं, ग्लोबल वार्मिंग संकट के चलते मौजूदा फसलों पर जो खतरा मंडरा रहा है, उसे भी कम किया जा सकेगा। बशर्ते अनाज विपणन, भंडारण और आपूर्ति शृंखला की विसंगितियों को दूर किया जाए। देश के कृषि व खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को भी इस दिशा में पहल करनी चाहिए। दरअसल, हरित क्रांति के बाद खेती-किसानी के तौर-तरीके बदले और कृषि गेहूं-धान पर केंद्रित हो गई। इसका एक कारण इन फसलों को मिलने वाले न्यूनतम समर्थन का भरोसा भी रहा। देश में संपन्नता आने से लोगों की खानपान की आदतों में भी बदलाव आया जिससे परंपरागत फसलें हाशिये पर चली गईं।

RELATED ARTICLES

कोश्यारी की गलती क्या है?

वेद प्रताप वैदिक महाराष्ट्र के राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी के एक बयान को लेकर महाराष्ट्र के नेता लोग कैसा धमाल मचा रहे हैं ? कोश्यारी ने...

अमित शाह: शिक्षा में क्रांति

वेद प्रताप वैदिक भारत के गृहमंत्री अमित शाह जिस मर्दानगी से शिक्षा में भारतीय भाषाओं के माध्यम का समर्थन कर रहे हैं, आज तक वैसी...

ममता सरकार की दुर्दशा

वेद प्रताप वैदिक प. बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार भयंकर दुर्गति को प्राप्त हो गई है। कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था कि...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

राष्ट्रमंडल खेलों के 10वें दिन भारत के मुक्केबाजों ने दिखाया कमाल, मुक्केबाजी में नीतू घणघस और अमित पंघाल ने जीता स्वर्ण पदक

बर्मिंघम। बर्मिंघम में चल रहे राष्ट्रमंडल खेलों के 10वें दिन भारत के मुक्केबाजों ने कमाल कर दिया। पहले नीतू घणघस और फिर अमित पंघाल ने स्वर्ण...

CM धामी ने पीएम मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की 7 वीं बैठक में किया प्रतिभाग

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की...

ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर सौड़पाणी में खाई में गिरकर नवविवाहिता की मौत के मामले में आया नया मोड़, आखिर क्यों पुलिस ने गिरफ्तार किया मृतका...

देहरादून। बीती दो अगस्त की रात ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर सौड़पाणी में सेल्फी लेते खाई में गिरकर हुई नवविवाहिता की मौत हो गई थी,  बीते...

देहरादून से मसूरी जा रही रोड़वेड बस अनियंत्रित होकर आईटीबीपी के पास गिरी खाई में

देहरादून।  उत्तराखंड रोडवेज की बस रविवार दोपहर को दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बस में करीब 39 यात्री सवार थे। बस देहरादून से मसूरी की ओर आ...

देहरादून में पुलिस ने स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे सेक्स रैकेट किया भांडाफोड़, आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

देहरादून। दून के माजरा में स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ। पुलिस ने छापा मारकर इसका खुलासा किया है।...

चीन ने रची साजिश? होटल में मृत मिला ताइवान का सीनियर मिसाइल डेवलपमेंट अधिकारी

बीजिंग।  अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी के ताइवान दौरे के बाद चीन की लगातार बौखलाहट देखने को मिल रही है। यही वजह है...

पूर्व सीएम हरीश रावत मुख्यमंत्री आवास पर आज होने वाले उपवास को करेंगे 18 अगस्त को

देहरादून । पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत आज  मुख्यमंत्री के आवास पर होने वाले उपवास अब 18 अगस्त को करेगें, उन्होंने कहा कि आज मुख्यमंत्री...

सैमसंग इंडिया के चेयरमैन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी, ग्राहक की शिकायत पर कार्रवाई

संभल। मोबाइल-टीवी समेत अन्य इलेक्ट्रोनिक उपकरण बनाने वाली मशहूर कंपनी सैमसंग को बड़ा झटका लगा है। सैमसंग को उपभोक्ता आयोग के आदेश का पालन...

सबसे कम उम्र के परमवीर चक्र विजेता योगेंद्र यादव पर फिल्म बनाएंगी चित्रांगदा

चित्रांगदा सिंह बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा हैं। उन्होंने अपने अभिनय से कई फिल्मों में समा बांधा है। एक्टिंग के अलावा प्रोडक्शन में भी उन्होंने...

एनडीए के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ बने देश के नए उपराष्ट्रपति, 11 अगस्त को लेंगे शपथ

दिल्ली।  देश को नया उपराष्ट्रपति मिल गया है।  एनडीए उम्मीदवार जगदीप धनखड़ ने भारी मतों से जीत दर्ज की है। उपराष्ट्रपति चुनाव में उन्होंने...

Recent Comments