केदारनाथ यात्रा में मौसम बना बड़ी चुनौती, हजारों श्रद्धालुओं की हेली टिकट कैंसिल
रुद्रप्रयाग/केदारनाथ। बाबा केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद से यात्रा लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। भारी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंच रहे हैं और मात्र दो सप्ताह के भीतर करीब साढ़े तीन लाख यात्री बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। हालांकि इस बार यात्रा में आस्था के साथ मौसम भी बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण हजारों श्रद्धालुओं की हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित हुई है, जिससे बड़ी संख्या में टिकट रद्द करने पड़े हैं।
केदारनाथ यात्रा में हेलीकॉप्टर सेवा उन श्रद्धालुओं के लिए सबसे पसंदीदा विकल्प मानी जाती है, जो कम समय में दर्शन करना चाहते हैं या पैदल मार्ग की कठिनाइयों से बचना चाहते हैं। फाटा, सिरसी और गुप्तकाशी से प्रतिदिन बड़ी संख्या में उड़ानें संचालित की जा रही हैं। पिछले 14 दिनों में करीब 24 हजार यात्रियों ने हेलीकॉप्टर सेवा का लाभ उठाया है। इस दौरान कुल 2,085 उड़ानें संचालित हुईं।
इसके अलावा देहरादून से चार्टर्ड सेवाओं की मांग भी तेजी से बढ़ी है। जानकारी के अनुसार 457 चार्टर्ड उड़ानों के माध्यम से लगभग 4,500 श्रद्धालु सीधे केदारनाथ धाम पहुंचे हैं। इससे स्पष्ट है कि इस बार हवाई सेवा के प्रति यात्रियों का रुझान काफी अधिक है।
लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम की अनिश्चितता ने इस सेवा की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। बीते दिनों बारिश, तेज हवाओं, घने बादलों और लो विजिबिलिटी के कारण कई बार उड़ानों को रोका गया। कई उड़ानें अंतिम समय में रद्द करनी पड़ीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
अप्रैल महीने में ही करीब 1,286 राउंड ट्रिप टिकट और 103 वन-वे टिकट कैंसिल किए गए। कई श्रद्धालु लंबे इंतजार के बाद हेलीपैड तक पहुंचे, लेकिन मौसम खराब होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। इससे यात्रियों में निराशा और असंतोष भी देखा गया।
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकेाडा) और जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और खराब मौसम में उड़ान संचालन जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए मौसम प्रतिकूल होने पर उड़ानें रद्द करना मजबूरी नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से आवश्यक निर्णय है।
प्रशासन ने बताया कि नियमों के तहत यात्रियों को रिफंड की प्रक्रिया उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि यात्रा पर निकलने से पहले मौसम का अपडेट अवश्य लें और केवल हेलीकॉप्टर सेवा पर निर्भर न रहें।
प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया है। पैदल मार्ग पर सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल, विश्राम स्थल, घोड़े-खच्चर और पालकी सेवाओं को बेहतर बनाया गया है ताकि हेली सेवा प्रभावित होने पर भी श्रद्धालु धाम पहुंच सकें।
अधिकारियों का कहना है कि केदारनाथ यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि हिमालयी परिस्थितियों के बीच धैर्य और अनुशासन की भी परीक्षा है। मौसम में तेजी से बदलाव यहां सामान्य बात है, इसलिए यात्रियों को संयम और तैयारी के साथ यात्रा करनी चाहिए।
यात्रा सीजन आगे बढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन लगातार व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहा है ताकि आस्था का यह महापर्व सुरक्षित और सुचारु रूप से जारी रह सके।
