हिमाचल कैबिनेट उप-समिति ने किया SDRF उत्तराखंड मुख्यालय का दौरा, आपदा प्रबंधन समन्वय पर मंथन
देहरादून। हिमाचल प्रदेश की कैबिनेट उप-समिति ने बुधवार को उत्तराखंड राज्य के आधिकारिक भ्रमण के दौरान एसडीआरएफ परिसर जॉली ग्रांट का दौरा किया। यह समिति हिमाचल प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में गठित की गई है। दौरे के दौरान दोनों राज्यों के बीच आपदा प्रबंधन में समन्वय, तकनीकी सहयोग और अनुभवों के आदान-प्रदान पर विशेष जोर दिया गया।
इस अवसर पर सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी ने प्रतिनिधिमंडल को SDRF की संरचना, संगठनात्मक कार्यप्रणाली तथा राज्य में आपदा प्रबंधन के लिए किए जा रहे समन्वित प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी।
त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम और रेस्क्यू तकनीकों की जानकारी
भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल को SDRF की त्वरित रिस्पॉन्स प्रणाली, अत्याधुनिक बचाव उपकरणों के उपयोग तथा चारधाम यात्रा समेत विभिन्न बड़े राहत एवं बचाव अभियानों में निभाई गई भूमिका से अवगत कराया गया।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की समान भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए आपदा के समय प्रभावी कार्रवाई, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और रिस्पॉन्स टाइम मैनेजमेंट पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
प्रशिक्षण शाखा और कंट्रोल रूम का भी किया निरीक्षण
प्रतिनिधिमंडल ने SDRF की प्रशिक्षण शाखा का भी अवलोकन किया, जहां आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर दिए जा रहे प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीकों पर आधारित मॉड्यूल्स तथा प्रशिक्षकों की विशेषज्ञता की जानकारी ली गई।
इसके अलावा वाहिनी के कंट्रोल रूम का भी भ्रमण किया गया, जहां आपदा अथवा आपात स्थिति में अपनाई जाने वाली संचार प्रणाली, त्वरित सूचना आदान-प्रदान, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वय की प्रक्रिया को देखा गया।
SDRF उत्तराखंड की कार्यशैली की सराहना
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने SDRF उत्तराखंड की तत्परता, दक्षता और उत्कृष्ट कार्यप्रणाली की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए बल द्वारा अत्यंत त्वरित और पेशेवर राहत एवं बचाव कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने विशेष रूप से पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में SDRF की कार्यक्षमता, समन्वय क्षमता तथा तकनीकी दक्षता को अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायक और अनुकरणीय मॉडल बताया।
कई अधिकारी रहे मौजूद
इस दौरान उपसेनानायक शुभांक रतूड़ी, शांतनु पाराशर, प्रभारी निरीक्षक (प्रशिक्षण) प्रमोद रावत सहित वाहिनी के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
सहयोग की दिशा में अहम कदम
यह दौरा दोनों राज्यों के बीच आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में अनुभवों के आदान-प्रदान, रणनीतिक सहयोग और भविष्य में बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
