हल्द्वानी-लालकुआं हाईवे पर मौत का तांडव, 72 घंटे में 5 जिंदगियां खत्म!
तीनपानी ओवरब्रिज पर तीन किशोरों की गई थी जान
हल्द्वानी-लालकुआं मार्ग पर हादसों का यह सिलसिला तीन दिन पहले तीनपानी ओवरब्रिज पर हुई दर्दनाक दुर्घटना से शुरू हुआ। यहां ओवरटेक करने के दौरान कार चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और कार सीधे डिवाइडर से टकरा गई।
हादसे के वक्त कार में चार नाबालिग सवार थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीन किशोरों की मौत हो गई, जबकि एक किशोरी गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
इस दुर्घटना ने कम उम्र में वाहन चलाने, तेज रफ्तार और जोखिम भरी ओवरटेकिंग के खतरों को एक बार फिर सामने ला दिया। हादसे के बाद सड़क सुरक्षा को लेकर उठी चिंताएं अभी कम भी नहीं हुई थीं कि इसी मार्ग पर एक और दर्दनाक घटना सामने आ गई।
लालकुआं में स्कूटी और कैंटर की टक्कर, दो युवकों की मौत
ताजा मामला लालकुआं कोतवाली क्षेत्र के सुभाष नगर का है। यहां राष्ट्रीय राजमार्ग-109 पर देर रात स्कूटी और कैंटर के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। दुर्घटनास्थल लालकुआं कोतवाली से लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर बताया गया है।
इस हादसे में स्कूटी सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों की पहचान 21 वर्षीय चेतन बिष्ट, निवासी पश्चिमी दौलतपुर, काठगोदाम और 24 वर्षीय दीक्षित बिष्ट, निवासी भवाली के रूप में हुई है।
दुर्घटना के बाद दोनों घायलों को उपचार के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
दोनों युवकों की मौत की सूचना मिलते ही उनके परिवारों में कोहराम मच गया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
तीन दिन, दो हादसे और पांच मौतें
हल्द्वानी से लालकुआं के बीच महज तीन दिनों में हुई इन दो दुर्घटनाओं ने पांच जिंदगियां खत्म कर दीं। पहली घटना में तीन नाबालिगों की मौत हुई, जबकि दूसरी दुर्घटना में दो युवकों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
लगातार हो रहे हादसों के बीच अब सवाल केवल वाहन चालकों की लापरवाही तक सीमित नहीं रह गया है। हाईवे पर यातायात व्यवस्था, सुरक्षित ओवरटेकिंग और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत भी महसूस की जा रही है।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने जताई चिंता, बाईपास से राहत की उम्मीद
लालकुआं के सुभाष नगर में हुई दुर्घटना पर नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेंद्र लौटनी ने भी दुख जताया है। उन्होंने कहा कि दो युवकों की मौत बेहद दुखद घटना है। सड़क हादसों पर नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को मिलकर ठोस रूपरेखा तैयार करनी चाहिए।
उन्होंने लालकुआं बाईपास के निर्माण को लेकर भी उम्मीद जताई। सुरेंद्र लौटनी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने लालकुआं बाईपास के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इसके बनने से भारी वाहनों का ट्रैफिक बाईपास रोड की ओर डायवर्ट हो सकेगा, जिससे मुख्य मार्ग पर हादसों को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
आखिर कब थमेगा हादसों का सिलसिला
हल्द्वानी-लालकुआं मार्ग पर लगातार हो रही दुर्घटनाएं सड़क पर सफर करने वालों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। तीनपानी ओवरब्रिज पर ओवरटेकिंग के दौरान हुआ हादसा हो या सुभाष नगर में स्कूटी और कैंटर की आमने-सामने की टक्कर, दोनों घटनाओं ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
इन हादसों के बाद वाहन चालकों की सतर्कता के साथ-साथ यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत सामने आई है।
अब देखना होगा कि लगातार पांच मौतों के बाद पुलिस प्रशासन और संबंधित विभाग सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए क्या प्रभावी कदम उठाते हैं। फिलहाल तीन दिनों के भीतर हुई इन दो घटनाओं ने हल्द्वानी-लालकुआं हाईवे पर सफर करने वालों की चिंता बढ़ा दी है।

