ग्रेटर नोएडा: 23वीं मंजिल से गिरे पिता-बेटे, दोनों की मौत
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की महागुन मायवुड्स सोसायटी में शुक्रवार सुबह दर्दनाक हादसा हुआ। बालकनी में पूजा के लिए फूल तोड़ते समय 11 वर्षीय बेटा नीचे गिरने लगा। उसे बचाने की कोशिश में पिता भी नीचे गिर गए। हादसे में दोनों की जान चली गई।
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित महागुन मायवुड्स सोसायटी में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। शुक्रवार, 30 अक्टूबर को सोसायटी के टावर-23 में 23वीं मंजिल से गिरकर पिता और उनके 11 वर्षीय बेटे की मौत हो गई। मृतकों की पहचान 40 वर्षीय रणदीप पात्रा और उनके बेटे आरव के रूप में हुई है।
जानकारी के मुताबिक, घटना के समय पिता और बेटा मंदिर जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान बालकनी में फूल तोड़ते समय अचानक हादसा हो गया। बेटे को बचाने की कोशिश में पिता भी नीचे गिर गए।
बेटे को बचाने की कोशिश में पिता भी गिरे
पुलिस को शुक्रवार सुबह थाना बिसरख क्षेत्र की महागुन मायवुड्स सोसायटी में दो लोगों के ऊंचाई से गिरने की सूचना पीआरवी के जरिए मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। वहां रणदीप पात्रा और उनका बेटा आरव गंभीर हालत में पड़े मिले।
दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बालकनी में फूल तोड़ते समय बेटे का पैर फिसल गया था। वह नीचे गिरने लगा तो पिता ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान दोनों 23वीं मंजिल से नीचे गिर गए।
मंदिर जाने की तैयारी के बीच हुआ हादसा
मृतक रणदीप की पत्नी ने पुलिस को बताया कि उन्हें सुबह जल्दी खाटू श्याम जाने के लिए एक प्लॉट की रजिस्ट्री के सिलसिले में निकलना था। इसी वजह से उनके पति और बेटा पूजा के लिए बालकनी से फूल तोड़ रहे थे। तभी यह हादसा हो गया।
परिवार मंदिर जाने की तैयारी कर रहा था, लेकिन कुछ ही पलों में खुशियां मातम में बदल गईं। घटना के बाद सोसायटी और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों में शोक का माहौल है।
पुलिस ने शुरू की आगे की कार्रवाई
थाना बिसरख पुलिस ने दोनों मृतकों का पंचायतनामा भरने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की इस घटना ने परिवार और सोसायटी के लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है। मंदिर जाने की तैयारी के दौरान हुआ यह हादसा एक परिवार के लिए कभी न भूल पाने वाला दुख बन गया।

