उत्तराखंड

ऊर्जा मंत्री हरक सिंह रावत ने जीवीके कम्पनी को दिए निकाले गये 90 कार्मिकों को पुनः समायोजित करने या वन टाईम सेटेलमेन्ट के लिए एक कमेटी गठन के निर्देश

देहरादून। प्रदेश के वन एवं पर्यावरण तथा ऊर्जा मंत्री डॉ0 हरक सिंह रावत ने विधान सभा कक्ष में विधायक देवप्रयाग विनोद कण्डारी तथा श्रीनगर जल विद्युत परियोजना के कार्यदायी संस्था जीवीके कम्पनी के प्रतिनिधि के साथ द्वारा गॉववासियों की समस्याओं के निराकरण के लिए समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

ऊर्जा मंत्री द्वारा कम्पनी से निकाले गये 90 कार्मिकों को पुनः समायोजित करने अथवा वन टाईम सेटेलमेन्ट के लिए एक कमेटी का गठन करने का निर्देश दिया। डीएम टिहरी की अध्यक्षता में कमेटी बनाने तथा इस कमेटी में पर्यावरण बोर्ड के प्रतिनिधि, श्रमायुक्त और जेवीके कम्पनी के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे। यह कमेटी 15 दिनो में इससे सम्बन्धित समस्याओं के समाधान के लिए ठोस प्रस्ताव देगी।

इस प्रस्ताव पर सरकार अपनी निर्णय लेगी। इसके अलावा इस क्षेत्र में बनाए गये अधूरे सड़क का निर्माण, लाईट का प्रबन्ध और लीकेज ठीक करने के लिए इत्यादि क्षेत्रीय समस्याओं के निराकरण के लिए 15 नवम्बर 2021 तक का समय दिया गया।

विधायक विनोद कण्डारी द्वारा ऊर्जा मंत्री को अवगत कराया कि श्रीनगर जल विद्युत परियोजना के कार्यदायी सस्था जीवीके कम्पनी को जमीन देने के बावजूद भी कम्पनी द्वारा गॉववासियों के रोजगार छीन लिये गये है। कम्पनी द्वारा बिना नोटिस दिये बगैर, 90 कार्मिको को बिना कारण के हटा दिया गया है। जिससे उक्त कार्मिकों को परिवार के भरण पोषण में कठिनाई उत्पन्न हो गई है। विधायक देवप्रयाग बिनोद कण्डारी द्वारा मा0 मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत से विस्तार चर्चा करते हुए उक्त समस्याओं के निराकरण किये जाने हेतु मंत्री से अनुरोध किया।

इस अवसर पर बैठक में सचिव ऊर्जा सौजन्या, जिलाधिकारी टिहरी ईवा श्रीवास्तव, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निदेशक सुबुद्धि सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *