उत्तराखंड

मिलावट-जमाखोरी पर धामी सरकार का चाबुक, त्योहार से पहले पूरे उत्तराखंड में छापेमारी तेज

देहरादून, 25 अगस्त। त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले उत्तराखंड सरकार ने मिलावटखोरी और जमाखोरी के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेशभर में सरकारी मशीनरी ने जांच अभियान तेज कर दिया है। सभी जिलाधिकारियों को एक सप्ताह तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी मंडलायुक्तों को सौंपी गई है।

सोमवार को प्रदेश के सभी जिलों में जिला प्रशासन और खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीमों ने व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए, दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए और कई जगह एक्सपायरी या खराब खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया गया।

सरकारी टीमों की नजर सिर्फ खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नहीं है। अभियान के दौरान चीनी की जमाखोरी और घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक इस्तेमाल की भी जांच की जा रही है।

चमोली से लेकर देहरादून तक कार्रवाई

चमोली जिले में जांच टीम ने तीन खाद्य नमूने लेकर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे। एक्सपायरी डेट की खाद्य सामग्री मिलने पर दो दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए और संबंधित सामग्री नष्ट कराई गई। इसके अलावा दो कंपनियों के उत्पादों की लेबलिंग और पैकेजिंग निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिली। संबंधित निर्माताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

रुद्रप्रयाग में टीम ने 12 दुकानों का निरीक्षण कर छह सैंपल लिए। छह दुकानों पर एक्सपायरी डेट का सामान मिलने पर दुकानदारों को चेतावनी दी गई और सामग्री नष्ट कराई गई।

अल्मोड़ा में दो मिठाइयों के सैंपल लिए गए, जबकि बागेश्वर में आठ प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर तीन सैंपल जांच के लिए लिए गए। पिथौरागढ़ में भी दो सैंपल लिए गए हैं।

चंपावत में अभियान एक अगस्त से चल रहा है। अब तक 21 स्थानों का निरीक्षण किया जा चुका है। इनमें से 10 स्थानों से सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं, जबकि सर्वे के लिए तीन अन्य सैंपल लिए गए हैं।

देहरादून में 70 प्रतिष्ठानों की जांच

राजधानी देहरादून में भी सोमवार को जिला प्रशासन ने विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान 11 खाद्य नमूने एकत्र किए गए और तीन प्रतिष्ठानों को व्यवस्थाओं में सुधार की चेतावनी दी गई।

जनपद में एक अगस्त से अब तक 70 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा चुका है। इस दौरान 48 सैंपल लिए गए हैं, जबकि सर्वे के लिए 20 अन्य सैंपल एकत्र किए गए। 11 दुकानदारों को सुधार के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा एडीएम कोर्ट में चार वाद दर्ज कराए गए हैं।

हरिद्वार में भी कार्रवाई जारी

हरिद्वार जिले में 17 अगस्त से जांच अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 47 व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 27 सैंपल लिए गए हैं। दस दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न न्यायालयों में चार मामले दर्ज कराए गए हैं।

पौड़ी और नैनीताल में भी सख्ती

पौड़ी जिले में सोमवार को 10 सैंपल लिए गए, जिनमें से छह को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। धारा 36 के तहत एक वाद भी स्वीकृत किया गया है।

नैनीताल में 10 दुकानों का निरीक्षण कर छह सैंपल जांच के लिए भेजे गए। एक सैंपल सर्वे के लिए लिया गया। एक प्रतिष्ठान में साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर नोटिस जारी किया गया। वहीं, मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई 10 किलो मिठाई को नष्ट कराया गया।

टिहरी और उत्तरकाशी में भी चला अभियान

टिहरी जिले में सात व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर छह सैंपल एकत्र किए गए। उत्तरकाशी में सोमवार को 15 स्थानों पर निरीक्षण किया गया और चार सैंपल लिए गए। बिना लाइसेंस खाद्य सामग्री बेचने के एक मामले में नोटिस जारी किया गया।

त्योहारों से पहले सरकार की सख्ती

त्योहारों के दौरान मिठाई, खाद्य तेल, मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावट, एक्सपायरी खाद्य सामग्री और जमाखोरी की शिकायतों को देखते हुए सरकार ने जिलों में अभियान तेज किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद अब सभी जिलों में एक सप्ताह तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। मंडलायुक्त इसकी नियमित मॉनिटरिंग करेंगे।

सरकार की कोशिश है कि त्योहारों के दौरान बाजार में मिलावटी और खराब खाद्य सामग्री की बिक्री पर प्रभावी रोक लगे और जमाखोरी के जरिए कृत्रिम रूप से कीमतें बढ़ाने वालों पर भी कार्रवाई हो।

फिलहाल सरकारी टीमों की सक्रियता से व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर निगरानी बढ़ गई है। आने वाले दिनों में जांच के दायरे और कार्रवाई का स्तर और बढ़ने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *