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केजरीवाल सरकार का प्रदूषण के नाम पर करोड़ों का घोटाला : भाजपा

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को लेकर बीजेपी ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा है। राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से पराली को डीकंपोज करने में जो खर्च किए गए उसको लेकर यह सवाल पूछा की मात्र 40 हजार रुपए मात्र पराली को डीकंपोज करने में घोल और खर्च लगा लेकिन यह जानकारी पूरे देश को देने में दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने लगभग 23 करोड़ खर्च कर डाले। दिल्ली के अलावे अन्य राज्यों के किसानों को जानकारी देने के बजाय अगर केजरीवाल सरकार दिल्ली में ही प्रदूषण कम करने में इन सारे पैसों को खर्च करती तो शायद नतीजा कुछ अलग होता । प्रदूषण को लेकर कोर्ट ने जब केजरीवाल सरकार से सवाल पूछे तो उसके जवाब में केजरीवाल सरकार ने उन्हें टोपी ट्रांसफर जैसा जवाब दिया। सरकार के जवाब से कोर्ट ने जब नाराज होकर सवाल पूछा कि आपने प्रदूषण कम करने को लेकर कितने का एडवरटाइजिंग करवाया है क्या इसका ऑडिट करवाया जाए तब दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने कोई भी जवाब नहीं दिया। क्योंकि प्रदूषण को लेकर केजरीवाल सरकार पड़ोसी राज्यों पर आरोप लगाने से पीछे नहीं हटती है। केजरीवाल जी जरा हमें बताएं की पंजाब और हरियाणा की वजह से अगर दिल्ली में प्रदूषण बढ़ रहे हैं तब पंजाब में और हरियाणा में दिल्ली से कम प्रदूषण कैसे है।

बीजेपी नेता संबित पात्रा ने कहा कि केजरीवाल सरकार अपने जवाबदेही से नहीं भाग सकती क्योंकि दिल्ली की जनता ने उन्हें दिल्ली की सेवा के लिए चुना है। दिल्ली की जनता को जितना भी मूर्ख बनाकर पैसा कमाने का मौका होता है वह केजरीवाल सरकार छोड़ती नहीं है यह आरोप बीजेपी नेता संबित पात्रा ने लगाते हुए कहा कि मुझे यह सरकार या जवाब दें की डीकंपोज करने के लिए जो गोल की कीमत होती है उसकी कीमत मात्र 40000 बताई गई है लेकिन उसके छिड़काव के पीछे की कहानी अगर लोगों को जानकारी होगी तो यह कोई सातवें अजूबे से कम नहीं होगा।केजरीवाल सरकार से जब एक सूचना के अधिकार में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि दिल्ली में 23000 हेक्टेयर जमीन कृषि योग्य है और उसमें खेती होती लेकिन दिल्ली सरकार ने मात्र 800 हेक्टेयर में बायो डी कंपोजर गोल डालकर पलारी को नष्ट किया और 310 किसानों को इसका फायदा पहुंचा। बायो डी कंपोजर करने में जो गोल पर खर्च हुए वह मात्र 40000 पूसा इंस्टीट्यूट से कैप्सूल खरीदा गया और गुड़ बेसन में 35000 खर्च हुए वही केवल ट्रैक्टर का भाड़ा 1320000 और टेंट में 964000 खर्च किए गए।

एडवरटाइजिंग में 15 लाख 80 हजार 36000 खर्च गए पूरे देश के किसानों को इसकी जानकारी देने के लिए लेकिन उसके बावजूद भी दिल्ली का प्रदूषण कम नहीं हुआ। दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदे गुप्ता ने कंज कसते हुए कहा कि हम लोग भी पराली से मुझे प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली की केजरीवाल सरकार को 40000 का चेक सौंपा जाएगा और डबल इंजन से प्रदूषण को कम करने में केजरीवाल सरकार की सहायता करेंगे।

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