आर वैशाली ने रचा इतिहास: FIDE महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 जीतकर बनीं पहली भारतीय विजेता
भारत की स्टार शतरंज खिलाड़ी आर वैशाली ने बुधवार (15 अप्रैल) को FIDE महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 जीतकर इतिहास रच दिया है। इसके साथ ही वह यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। इस ऐतिहासिक जीत के साथ वैशाली ने इस साल के आखिर में होने वाले महिला वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप के खिताबी मुकाबले के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है, जहां उनका सामना चीन की मौजूदा चैंपियन जू वेनजुन से होगा, जो पांच बार की विश्व चैंपियन हैं और पिछले कुछ वर्षों में महिला शतरंज में नया कीर्तिमान स्थापित कर चुकी हैं।
24 वर्षीय वैशाली ने यह उपलब्धि बेहद रोमांचक अंदाज में हासिल की। टूर्नामेंट के आखिरी राउंड में उन्होंने सफेद मोहरों से खेलते हुए कैटेरीना लागनो को 8.5 के स्कोर के साथ पीछे छोड़ दिया। वैशाली ने अपने प्रतिद्वंद्वियों से आधा अंक अधिक बनाकर खिताब अपने नाम किया। यह मुकाबला अंत तक बेहद दिलचस्प बना रहा और हर चाल के साथ रोमांच बढ़ता गया।
इस जीत में भारतीय खिलाड़ी दिव्या देशमुख की भी अहम भूमिका रही। दरअसल, वैशाली को टूर्नामेंट जीतने के लिए दिव्या के मैच के नतीजे पर भी निर्भर रहना पड़ा। दिव्या देशमुख ने बिबिसारा असाउबायेवा के साथ अपना मुकाबला ड्रॉ खेला, जिसने वैशाली की जीत को निर्णायक बना दिया। खास बात यह रही कि असाउबायेवा इस राउंड की शुरुआत वैशाली के बराबर अंकों के साथ कर रही थीं, ऐसे में यह ड्रॉ वैशाली के लिए बेहद अहम साबित हुआ। यदि दिव्या यह मुकाबला हार जातीं, तो वैशाली का खिताब जीतने का सपना अधूरा रह सकता था।
गौरतलब है कि आर वैशाली ने इस टूर्नामेंट की शुरुआत सबसे कम रेटिंग वाले खिलाड़ियों में से एक के रूप में की थी। इसके बावजूद उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी को चौंका दिया। उनका यह सफर साल 2024 में डी गुकेश के शानदार प्रदर्शन की याद दिलाता है, जब उन्होंने भी तमाम चुनौतियों को पार करते हुए कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीता था।
2024 में 7.5 अंकों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहने के बाद, वैशाली ने इस बार अपने प्रदर्शन में एक अंक का सुधार किया और खिताब अपने नाम कर लिया। उनकी यह जीत न सिर्फ भारतीय शतरंज के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि आने वाले वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप मुकाबले के लिए भी एक बड़ा संकेत है।
