उत्तराखंड

एसएसपी परमेन्द्र डोबाल के नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस को मिली बहुत बड़ी सफलता, 23 साल से फरार गैंगस्टर एक्ट के दो इनामी टप्पेबाज गिरफ्तार

हरिद्वार।  हरिद्वार पुलिस ने 23 वर्षों से फरार चल रहे गैंगस्टर एक्ट के दो इनामी अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी लंबे समय से पुलिस को चकमा देकर अलग-अलग जगहों पर छिपते रहे, लेकिन आखिरकार पुलिस की मुस्तैदी के आगे टिक नहीं पाए।

कैसे हुई गिरफ्तारी?
हरिद्वार पुलिस लंबे समय से इन दोनों अपराधियों की तलाश में थी। ये दोनों वारंटी लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचते रहे। आखिरकार, पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर सटीक योजना बनाकर 2 मार्च 2025 को दोनों अपराधियों को उनके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया।

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
1. दीनानाथ (50 वर्ष) – निवासी ग्राम जयतापुर, थाना धानेपुर, जिला गौंडा (उत्तर प्रदेश)

2. आत्माराम (56 वर्ष) – निवासी ग्राम मतौरिया, थाना मोतीगंज, जिला गौंडा (उत्तर प्रदेश)

क्या है मामला?
15 अगस्त 2002 को हरिद्वार के घाटों पर टप्पेबाजी करने वाले गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इस गिरोह पर जनता से अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप थे। मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी जमानत पर रिहा हो गए और फिर फरार हो गए। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया था।

कैसे बचते रहे 23 साल?
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे लुधियाना (पंजाब) में रहकर मजदूरी कर रहे थे और वहां भी चोरी-टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देते थे। पकड़े जाने से बचने के लिए वे बार-बार अपनी पहचान और ठिकाने बदलते रहे।

पुलिस टीम?
हरिद्वार पुलिस की विशेष टीम ने इस अभियान को सफल बनाया। गिरफ्तार करने वाली टीम में शामिल थे:

उप-निरीक्षक अंशुल अग्रवाल
हेड कांस्टेबल सतीश (314)
कांस्टेबल सुनील (1055)
कांस्टेबल गंभीर (227)

अब क्या होगा?
दोनों अपराधियों को कोर्ट में पेश किया जा रहा है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह से जुड़े अन्य अपराधी भी अभी सक्रिय हैं।

हरिद्वार पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। लंबे समय से फरार अपराधियों को पकड़कर पुलिस ने यह साफ संदेश दिया है कि अपराधी चाहे जितने सालों तक भागे रहें, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकते।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *