अंतर्राष्ट्रीय

अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म होते ही सोना-चांदी में भारी भूचाल, टूट गए सारे पुराने रिकॉर्ड!

वैश्विक बाजार (Global Market) से एक बेहद बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा लंबे समय का तनाव अब पूरी तरह खत्म हो गया है और दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्ति को लेकर आम सहमति बन गई है। इस ऐतिहासिक समझौते के बाद दुनिया भर के निवेशकों का रुझान एक बार फिर सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली कीमती धातुओं की ओर तेजी से बढ़ा है। इसका सीधा असर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में देखने को मिला, जहां सोमवार को सोना और चांदी की कीमतों ने जोरदार छलांग लगाई।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कमजोर होते डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई भारी गिरावट ने भी सोना-चांदी की चमक को और अधिक बढ़ाने का काम किया है।

MCX पर सोना और चांदी में तोफानी तेजी

घरेलू बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना ₹3,301 की भारी बढ़त के साथ ₹1,53,829 प्रति 10 gram पर खुला। वहीं दूसरी ओर, जुलाई डिलीवरी वाली चांदी ने ₹6,296 की जबरदस्त छलांग लगाई और यह ₹2,52,900 प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुंच गई। घरेलू सर्राफा बाजार में एक ही दिन के भीतर आई इस रिकॉर्ड तेजी ने निवेशकों और आम कारोबारियों के बीच हलचल बढ़ा दी है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चमके दाम

सिर्फ भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में तगड़ा उछाल दर्ज किया गया। स्पॉट गोल्ड (Spot Gold) 2.5 प्रतिशत उछलकर 4,322.87 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 4,344.80 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करते नजर आए। इसके साथ ही, स्पॉट सिल्वर (Spot Silver) भी 3.6 प्रतिशत की तेजी के साथ 70.39 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई।

क्यों बढ़ रहे हैं सोना-चांदी के दाम?

विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्ति को लेकर बने प्रारंभिक समझौते से वैश्विक बाजारों ने बड़ी राहत की सांस ली है। इस समझौते के तहत सबसे महत्वपूर्ण रूट ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को दोबारा खोलने और ईरान पर लगे कुछ कड़े आर्थिक प्रतिबंधों में राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। इससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बाजार में बनी अनिश्चितता और डर का माहौल पूरी तरह खत्म हो गया है।

कमजोर डॉलर और कच्चे तेल ने बढ़ाई मांग

डॉलर इंडेक्स में आई गिरावट के चलते अन्य देशों के निवेशकों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार से सोना खरीदना काफी सस्ता हो गया है, जिसकी वजह से सोने-चांदी की मांग अचानक बढ़ गई है। दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट ने दुनिया भर में महंगाई और ब्याज दरों को लेकर बनी चिंताओं को कम किया है, जिससे निवेशकों का भरोसा शेयर बाजार के बजाय कीमती धातुओं में और मजबूत हुआ है।

क्या ₹1.60 लाख के पार पहुंचेगा सोना?

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि MCX पर सोना ₹1,55,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को मजबूती से पार कर लेता है, तो आने वाले दिनों में इसमें और बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है। ऐसी स्थिति में सोने का भाव ₹1.58 लाख से ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम तक आसानी से पहुंच सकता है। हालांकि, यदि बाजार में मुनाफावसूली (Profit Booking) होती है और भाव ₹1.50 लाख के नीचे फिसलता है, तो बिकवाली का दबाव भी बन सकता है।

चांदी में ₹2.60 लाख तक जाने के संकेत

विश्लेषकों के मुताबिक, यदि चांदी ₹2,55,000 प्रति किलो के स्तर को पार कर जाती है, तो इसके भाव बहुत जल्द ₹2,58,000 से ₹2,60,000 प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकते हैं। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में चांदी भी निवेशकों के लिए सबसे आकर्षक और मुनाफेदार विकल्प बनी हुई है।

निवेशकों के लिए क्या हैं महत्वपूर्ण स्तर (Support & Resistance)?

बाजार के जानकारों के मुताबिक, इस समय MCX Gold के लिए ₹1,52,500 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट (Support) का काम कर रहा है और ₹1,53,600 का स्तर महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस (Resistance) माना जा रहा है। वहीं चांदी के व्यापार के लिए ₹2,48,000 सपोर्ट स्तर और ₹2,53,000 रेजिस्टेंस स्तर पर नजर रखनी होगी। आने वाले हफ्तों में डॉलर की चाल और वैश्विक नीतियां ही सोना-चांदी की अंतिम दिशा तय करेंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *