23 साल की उम्र, 80 लाख की ठगी! हरिद्वार पुलिस के जाल में फंसा साइबर ठग
रुड़की: हरिद्वार जिले में साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मंगलौर कोतवाली पुलिस ने 80 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में 23 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी के नाम पर छह बैंक खाते संचालित हो रहे थे। इन खातों के जरिए देश के अलग-अलग राज्यों में साइबर धोखाधड़ी की रकम का लेनदेन किया जा रहा था। आरोपी लोगों को लॉटरी निकलने और बड़ा इनाम मिलने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाता था।
प्रतिबिंब पोर्टल से सामने आया मामला
पुलिस के मुताबिक, साइबर ठगी से जुड़े एक बैंक खाते की जानकारी प्रतिबिंब पोर्टल के माध्यम से सामने आई थी। जांच के दौरान पता चला कि संबंधित बैंक खाते के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में 20 से अधिक साइबर शिकायतें दर्ज थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलौर कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
इसके बाद पुलिस ने बैंक खाते और उसके खाताधारक से संबंधित जानकारियां जुटाईं। विवेचना के दौरान आकाश कुमार पुत्र वीरेन्द्र, निवासी गोपालपुर, उम्र 23 वर्ष का नाम सामने आया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की और मामले की जांच आगे बढ़ाई। इस दौरान साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए।
छह बैंक खातों से आठ राज्यों में ठगी का कनेक्शन
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी के नाम पर कुल छह बैंक खाते संचालित हो रहे थे। इन खातों से जुड़े मामलों में गुजरात, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब सहित आठ राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज मिलीं।
पुलिस के अनुसार, इन छह बैंक खातों में 80 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की रकम का लेनदेन सामने आया है। अलग-अलग राज्यों में दर्ज शिकायतों और बैंक खातों के माध्यम से हुए लेनदेन की जांच के आधार पर पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
लॉटरी और इनाम का झांसा देकर करता था ठगी
जांच में आरोपी के ठगी करने का तरीका भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी फोन और अन्य माध्यमों से लोगों से संपर्क करता था। इसके बाद उन्हें लॉटरी निकलने या बड़ा इनाम मिलने का लालच दिया जाता था। इनाम मिलने की उम्मीद में लोग आरोपी के झांसे में आकर पैसे भेज देते थे।
ठगी से रकम मिलने के बाद आरोपी उसे एटीएम के जरिए निकालता था और दूसरे लाभार्थी बैंक खातों में ट्रांसफर कर देता था। इस तरह अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से रकम को आगे पहुंचाया जाता था। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इन खातों से जुड़े लेनदेन में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही है।
छह पासबुक, छह एटीएम कार्ड और दो मोबाइल बरामद
कार्रवाई के दौरान मंगलौर पुलिस ने आरोपी के कब्जे से छह बैंक पासबुक, छह एटीएम कार्ड और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस इन बैंक खातों से जुड़े लेनदेन, साइबर ठगी की अन्य शिकायतों और संभावित लाभार्थियों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह के नेतृत्व में जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, मंगलौर कोतवाली की यह कार्रवाई साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता है।
एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि मंगलौर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 80 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज पाई गई हैं।
पुराने एनडीपीएस मामले में आरोपी को 10 साल की सजा
इधर, नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही देहरादून पुलिस पुराने मामलों में आरोपियों को सजा दिलाने के लिए भी पैरवी कर रही है। इसी क्रम में वर्ष 2014 में नशीली गोलियों की तस्करी के मामले में गिरफ्तार आरोपी को देहरादून की विशेष एनडीपीएस अदालत ने 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।

