उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में 15 प्रस्तावों पर लगी मुहर, गौ पालन योजना का लाभ अब सामान्य वर्ग को भी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार, 7 अगस्त को उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई। बैठक में कुल 15 प्रस्तावों पर मुहर लगी। कैबिनेट के फैसलों में श्रमिकों, शिक्षा, पर्यटन, न्यायिक व्यवस्था, जल जीवन मिशन, खेल और वन विकास निगम से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल रहे। खास बात यह है कि प्रदेश में संचालित गौ पालन योजना का लाभ अब सामान्य वर्ग के लोगों को भी मिल सकेगा।
कैबिनेट ने उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली को भी मंजूरी दी है। इसके तहत संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के हितों का संरक्षण किया जाएगा। नियमों के अनुसार हर महीने की 7 तारीख तक मजदूरी का भुगतान करना होगा। इसके साथ ही पुरुष और महिला श्रमिकों के लिए समान कार्य की समान मजदूरी का प्रावधान रहेगा।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वन क्षेत्रों में पैदा होने वाली जड़ी-बूटियों को देखते हुए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति में संशोधन किए जाने का फैसला लिया गया है। वहीं, उत्तराखंड माल एवं सेवा कर संशोधित अध्यादेश को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
कैबिनेट के फैसले के अनुसार नैनीताल हाईकोर्ट को हल्द्वानी गौलापार में 30 हेक्टेयर जमीन मिलेगी। इसके अलावा उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, हल्द्वानी के लिए 122 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है।
समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित सभी छात्रावासों के लिए नियमावली को भी मंजूरी दी गई है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रावासों के संचालन के लिए ‘संचालन नियमावली, 2026’ को कैबिनेट ने स्वीकृति दी है।
जल जीवन मिशन के तहत केंद्र सरकार की गाइडलाइंस को उत्तराखंड में भी लागू करने का फैसला लिया गया है। इसके बाद योजनाओं का हस्तांतरण किया जा सकेगा। वहीं, उत्तराखंड सहकारी समिति नियमावली के तहत अब कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति भी सदस्य बन सकेगा।
गंगा एक्सप्रेस-वे के मेरठ से हरिद्वार तक विस्तार के तहत पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के साथ समझौता किया जाएगा। इसके अलावा उत्तराखंड औद्योगिक नियमावली को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इसके तहत नियोजक और कर्मकार के बीच संबंधों को बेहतर बनाने, शिकायतों के त्वरित समाधान और शिकायत समिति के सदस्यों के चयन की प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है।
कैबिनेट के एक अन्य फैसले के तहत छंटनी किए गए कर्मचारियों को दोबारा मौका मिल सकेगा। वहीं, वन विकास निगम सेवा संशोधन नियमावली को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत स्केलर पद के लिए 100 अंकों की परीक्षा होगी।
इस तरह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में श्रमिकों के हितों से लेकर हाईकोर्ट के लिए भूमि, खेल विश्वविद्यालय में पदों के सृजन, जल जीवन मिशन, औद्योगिक व्यवस्था और वन विकास निगम से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
