उत्तराखंड

उपनल कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! धामी कैबिनेट ने लिए 12 बड़े फैसले

देहरादून स्थित सचिवालय में बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक आयोजित हुई, जिसमें प्रदेश से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक की शुरुआत शोक प्रस्ताव के साथ हुई। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बी.सी. खंडूड़ी और पद्मश्री सम्मानित अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज जसपाल राणा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इसके बाद कैबिनेट ने विभिन्न विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कई बड़े निर्णय लिए। बैठक में उत्तराखंड संस्कृत नियमावली-2026 में संशोधन को मंजूरी दी गई। वहीं सड़क निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाले कोलतार की उपलब्धता प्रभावित होने के कारण संबंधित टेंडरों की अनुबंध अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

राज्य को पूर्ण साक्षर घोषित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कैबिनेट ने आवश्यक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। आबकारी नियमावली में संशोधन करते हुए वेट और सेस पर लागू दोहरे कर व्यवस्था को समाप्त करने का फैसला लिया गया, जिससे कर प्रणाली को अधिक सरल बनाया जा सकेगा।

कृषि विभाग के अंतर्गत सेलाकुई स्थित सगंध पौधा केंद्र में परफ्यूम और सुगंधित उत्पादों की गुणवत्ता जांच के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशाला स्थापित किए जाने को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हिमालय कार रैली के आयोजन को स्वीकृति प्रदान की गई। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में 25 देशों के प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है।

बैठक में उपनल कर्मचारियों से जुड़ा महत्वपूर्ण फैसला भी लिया गया। लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए समान कार्य के लिए समान वेतन व्यवस्था को मंजूरी दी गई। यह निर्णय हजारों उपनल कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

कारागार विभाग से संबंधित नियमावली में भी संशोधन किया गया है। कैबिनेट ने अभ्यस्त अपराधी की परिभाषा को स्पष्ट रूप से निर्धारित करने का फैसला लिया है। वहीं विभिन्न विभागों की सेवा नियमावली में संशोधन करते हुए पदों की संख्या बढ़ाने पर भी सहमति बनी।

राज्य आंदोलनकारियों को मिलने वाले 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को हालिया भर्तियों में शामिल करने का निर्णय भी कैबिनेट ने लिया है। इसके अतिरिक्त चारधाम यात्रा में उपयोग किए जाने वाले पशुओं के बीमा को लेकर भी अहम फैसला किया गया। बीमा प्रीमियम में सरकार 20 प्रतिशत अंशदान देगी, जिस पर लगभग एक करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

पशुपालन विभाग के अंतर्गत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कृत्रिम गर्भाधान योजना को भी मंजूरी दी गई है, जिससे पशुधन विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य के प्रशासनिक, सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *