उत्तराखंड

18 मई को खुलेंगे चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट, 14 मई को गोपीनाथ मंदिर से रवाना होगी डोली

चमोली। विश्व प्रसिद्ध देवभूमि के पंच केदारों में से एक, चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तिथि घोषित हो गई है। आगामी 18 मई 2026 को पूरे विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के साथ मंदिर के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस पावन अवसर का साक्षी बनने के लिए देश-दुनिया से शिव भक्तों के पहुंचने की संभावना है।

गोपीनाथ मंदिर से शुरू होगा उत्सव

कपाट खुलने की प्रक्रिया भगवान रुद्रनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल गोपीनाथ मंदिर से शुरू होगी। 14 मई को गोपीनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठानों के बाद भगवान रुद्रनाथ जी की चल विग्रह डोली अपने धाम के लिए प्रस्थान करेगी।

यात्रा का पूरा कार्यक्रम (डोली का पैदल सफर)

रुद्रनाथ मंदिर की यात्रा अपनी कठिन लेकिन सुंदर चढ़ाई के लिए जानी जाती है। डोली के प्रस्थान का कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा:

  • 14 मई: गोपीनाथ मंदिर (गोपेश्वर) से डोली का प्रस्थान।

  • 16 मई: चल विग्रह डोली दुर्गम रास्तों से होते हुए पनार बुग्याल पहुंचेगी, जहाँ रात्रि विश्राम किया जाएगा।

  • 17 मई: डोली रुद्रनाथ मंदिर परिसर में पहुंचेगी।

  • 18 मई: शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कपाटोद्घाटन किया जाएगा।

प्रशासन और भक्तों में उत्साह

चतुर्थ केदार के कपाट खुलने की खबर से स्थानीय व्यापारियों और तीर्थयात्रियों में भारी उत्साह है। प्रशासन ने भी यात्रा की दुर्गमता को देखते हुए पैदल रास्तों की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियां शुरू कर दी हैं। माना जा रहा है कि इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के ‘रौद्र मुख’ के दर्शन करने हिमालय की इन चोटियों तक पहुंचेंगे।

रुद्रनाथ मंदिर की महत्ता

समुद्र तल से करीब 2286 मीटर (7500 फीट) से अधिक की ऊंचाई पर स्थित रुद्रनाथ मंदिर पंच केदारों में चौथा केदार है। यहाँ भगवान शिव के मुख की पूजा की जाती है। यह मंदिर न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यहाँ पहुंचने के लिए तय की जाने वाली दूरी और चारों ओर फैले मखमली बुग्याल इसे बेहद खास बनाते हैं।

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